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भृंगराज और आंवला तेल: आयुर्वेद में बालों के दो खास हर्ब

By Daksha Organics team · Updated 6 Nov 2026 · 2 min read

भृंगराज (Eclipta alba) और आंवला (Phyllanthus emblica) आयुर्वेद में बालों की देखभाल के दो सबसे जाने-माने हर्ब हैं। परंपरागत रूप से इन्हें नारियल या तिल के तेल में धीमी आंच पर पकाकर तेल बनाया जाता है, जिसे सिर की मालिश में लगाया जाता है ताकि बाल घने, काले और चमकदार दिखें। यह बालों की देखभाल का पारंपरिक तरीका है, कोई दवा नहीं।

भृंगराज क्या है?

भृंगराज एक छोटा पौधा है जो पानी के पास — खेतों की मेड़, नालियों और तालाबों के किनारे — आसानी से उग जाता है। इसके छोटे सफेद फूल होते हैं और पत्तियां पतली होती हैं। संस्कृत में इसे केशराज भी कहते हैं, यानी "बालों का राजा"। हिंदी में इसे भांगरा, मलयालम में कय्युण्णी (Kayyunni) और तमिल में करिसलांकन्नी कहा जाता है।

आंवला क्या है?

आंवला हरे रंग का खट्टा फल है, जिसे संस्कृत में आमलकी और मलयालम में नेल्लिक्का (Nellikka) कहते हैं। आयुर्वेद के प्रसिद्ध त्रिफला के तीन फलों में से एक आंवला भी है। आयुर्वेद इसे ठंडक देने वाला मानता है, इसलिए गर्म मौसम के लिए बनाए गए तेलों में इसका खास स्थान है।

भृंगराजआंवला
वानस्पतिक नामEclipta albaPhyllanthus emblica
संस्कृत नामभृंगराज, केशराजआमलकी, धात्री
उपयोग होने वाला भागपूरा पौधा, पत्तियों का रसफल (ताज़ा या सूखा)
पारंपरिक भूमिकास्कैल्प का पोषण, काले दिखने वाले बालचमक, मुलायमपन, ठंडक

केरल में भृंगराज-आंवला तेल कैसे बनता है?

केरल की पारंपरिक विधि को तैल पाक कहते हैं। इसमें:

  1. ताज़ी भृंगराज पत्तियों का रस निकाला जाता है और आंवले का रस या काढ़ा तैयार किया जाता है।
  2. इन्हें नारियल तेल में मिलाया जाता है।
  3. मिश्रण को धीमी आंच पर घंटों पकाया जाता है, जब तक सारा पानी उड़ न जाए।
  4. फिर तेल को छानकर गहरे रंग की बोतल में रखा जाता है।

इस विधि से हर्ब का रंग और खुशबू तेल में आ जाती है। केरल में नारियल तेल को आधार इसलिए बनाया जाता है क्योंकि आयुर्वेद इसे ठंडा मानता है और यह वहां की गर्म-नम जलवायु के अनुकूल है। विस्तार से पढ़ें: Coconut oil in Ayurveda।

आयुर्वेद में इनका पारंपरिक उपयोग क्या है?

  • सिर की मालिश (शिरो अभ्यंग) में स्कैल्प को पोषण देना
  • बालों को घना, काला और चमकदार दिखने में मदद करना
  • रूखे बालों को मुलायम बनाना
  • गर्मी में सिर को ठंडक का एहसास देना

आधुनिक प्रयोगशालाओं में भी इन दोनों पर शोध हुआ है — भृंगराज के प्राकृतिक यौगिकों (जैसे वेडेलोलैक्टोन) और आंवले के विटामिन C और पॉलीफेनॉल पर। लेकिन यह शोध अभी शुरुआती है, इसलिए इन्हें दवा नहीं, बल्कि पारंपरिक देखभाल ही समझें।

अगर बाल अचानक बहुत ज़्यादा झड़ रहे हैं, तो इसके पीछे थायरॉइड, आयरन की कमी, तनाव या कोई और कारण हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ (dermatologist) से ज़रूर मिलें।

भृंगराज-आंवला तेल लगाने का सही तरीका

  1. पैच टेस्ट: पहली बार कान के पीछे थोड़ा तेल लगाकर 24 घंटे देखें।
  2. हल्का गुनगुना करें: बोतल को गर्म पानी के कटोरे में एक मिनट रखें।
  3. मांग निकालकर लगाएं: तेल सीधे स्कैल्प पर लगाएं।
  4. मालिश: उंगलियों के पोरों से 5–10 मिनट धीरे-धीरे मालिश करें, नाखून न लगाएं।
  5. छोड़ दें: कम से कम 1–2 घंटे या रात भर।
  6. धोएं: हल्के शैम्पू या हर्बल वॉश से धोएं।

हफ्ते में 2–3 बार तेल लगाना काफी है। पूरी विधि हिंदी में पढ़ने के लिए देखें: हर्बल हेयर ऑयल लगाने का सही तरीका।

किन बातों का ध्यान रखें?

  • भृंगराज तेल हल्के रंग के कपड़ों पर हरा या गहरा निशान छोड़ सकता है — पुराना तौलिया इस्तेमाल करें।
  • ताज़ा आंवले का रस खट्टा होता है, सीधे स्कैल्प पर लगाने से चुभ सकता है।
  • भृंगराज का रस डॉक्टर या वैद्य की सलाह के बिना न पिएं।
  • सर्दियों में नारियल तेल जम जाता है — इसे माइक्रोवेव न करें, गर्म पानी में रखें।

मुख्य बातें (Key takeaways)

  • भृंगराज "बालों का राजा" है और आंवला ठंडक देने वाला फल — दोनों आयुर्वेद की क्लासिक जोड़ी हैं।
  • केरल में इन्हें नारियल तेल में तैल पाक विधि से पकाया जाता है।
  • पारंपरिक उपयोग: स्कैल्प का पोषण, घने-चमकदार दिखने वाले बाल।
  • यह दवा नहीं है; बहुत ज़्यादा बाल झड़ें तो डॉक्टर से मिलें।
  • पैच टेस्ट करें और हफ्ते में 2–3 बार लगाएं।

अंग्रेज़ी में और विस्तार से पढ़ें: Bhringraj for hair और Amla for hair।

भृंगराज और आंवला एक ही तेल में

Daksha का Herbal Secret Hair Oil केरल की पारंपरिक विधि से नारियल तेल में बनाया जाता है, जिसमें भृंगराज, आंवला, नीम, कलौंजी और पत्थरचूर (Indian borage) शामिल हैं। स्कैल्प पर सीधे लगाने के लिए इसमें कंघी वाला एप्लिकेटर कैप भी है। देखें Herbal Secret Hair Oil या WhatsApp पर ऑर्डर करें।

Frequently asked questions

भृंगराज और आंवला तेल हफ्ते में कितनी बार लगाएं?

हफ्ते में 2–3 बार लगाना काफी है। तेल को 1–2 घंटे या रात भर रखें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें।

क्या भृंगराज तेल से सफेद बाल काले हो जाते हैं?

भृंगराज और आंवला पारंपरिक रूप से काले दिखने वाले बालों से जुड़े हैं, लेकिन ये हेयर डाई नहीं हैं और सफेद बालों को वापस काला करने का दावा नहीं किया जा सकता।

भृंगराज को मलयालम में क्या कहते हैं?

भृंगराज को मलयालम में कय्युण्णी (Kayyunni) कहते हैं, और आंवले को नेल्लिक्का (Nellikka)।

क्या आंवले का ताज़ा रस सीधे सिर पर लगा सकते हैं?

ताज़ा रस खट्टा होता है और चुभ सकता है। बेहतर है कि इसे तेल में पकाकर या हेयर पैक में मिलाकर इस्तेमाल करें।

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